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Theme- 2020
Participation
Day of Democracy is an opportunity to recall that democracy is about people. Democracy is built on inclusion, equal treatment and participation — and it is a fundamental building block for peace, sustainable development and human rights. The Universal Declaration of Human Rights, which states that "the will of the people shall be the basis of the authority of government" (article 21.3), has inspired constitution-making around the world and contributed to global acceptance of democratic values and principles. Democracy, in turn, provides the natural environment for the protection and effective realization of human rights.


True democracy is a two-way street, built on a constant dialogue between civil society and the political class. This dialogue must have real influence on political decisions. This is why political participation, civic space and social dialogue make up the very foundations of good governance. It is even more true with the impact of globalization and technological progress. And yet today, civic space is shrinking worldwide at an alarming rate. Civil society activists are finding it increasingly difficult to operate. Human rights defenders and parliamentarians are under attack. Women remain vastly under-represented. Journalists face interference, and in some cases violence.

This UN Democracy Day (International Day of Democracy), is an opportunity to urge all governments to respect their citizens' right to active, substantive and meaningful participation in democracy.


भागीदारी
लोकतन्त्र  दिवस, यह याद रखने का अवसर है कि लोकतंत्र लोगों के बारे में है। लोकतंत्र समावेश, समान उपचार और भागीदारी पर बनाया गया है - और यह शांति, सतत विकास और मानव अधिकारों के लिए एक बुनियादी इमारत ब्लॉक है। मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा, जिसमें कहा गया है कि "लोगों की इच्छा सरकार के अधिकार का आधार होगी" (अनुच्छेद 21.3) ने दुनिया भर में संविधान-निर्माण को प्रेरित किया है और लोकतांत्रिक मूल्यों और सिद्धांतों की वैश्विक स्वीकृति में योगदान दिया है। लोकतंत्र, मानव अधिकारों के संरक्षण और प्रभावी प्राप्ति के लिए प्राकृतिक वातावरण प्रदान करता है।


सच्चा लोकतंत्र एक दो-तरफ़ा मार्ग है, जो नागरिक समाज और राजनीतिक वर्ग के बीच निरंतर संवाद पर विनिर्मित है। इस संवाद का राजनीतिक निर्णयों पर वास्तविक प्रभाव होना चाहिए। यही कारण है कि राजनीतिक भागीदारी, नागरिक महत्ता और सामाजिक संवाद,  सुशासन के आधार बनते हैं। यह वैश्वीकरण और तकनीकी प्रगति के प्रभाव के साथ और भी अधिक सार्थक है। और आज, दुनिया भर में एक खतरनाक दर से नागरिक समाज का स्थान सिकुड़ रहा है। नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं को इसे संचालित करने में मुश्किल हो रही है। मानवाधिकार रक्षकों और सांसदों पर हमले हो रहे हैं। महिलाओं को बहुत कम प्रतिनिधित्व दिया जाता है। पत्रकारों को हस्तक्षेप का सामना करना पड़ता है, और कुछ मामलों में हिंसा भी, वैश्विक परिदृश्य में यह सब आम है।


यह संयुक्त राष्ट्र लोकतंत्र दिवस (लोकतंत्र का अंतर्राष्ट्रीय दिवस), सभी सरकारों से अपने नागरिकों के लोकतंत्र में सक्रिय, सशक्त और सार्थक भागीदारी के अधिकार का सम्मान करने का आग्रह करने का एक अवसर है।